ठ्ठजागरण ब्यूरो, नई दिल्ली सरकार तो बहुत दिन से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात कर रही है, लेकिन अब राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी इस दिशा में सुधार को सबसे ज्यादा जरूरी बताया है। पढ़ाई को क्लॉस रूम तक सीमित रखने के बजाय नए और वैज्ञानिक तरीके अपनाने पर जोर दिया है। साथ ही शिक्षा के सभी स्तर पर पाठ्यचर्या (कैरीकुलम) में नई तकनीक को लगातार अपनाए जाने की पैरवी की है। राष्ट्रपति ने शिक्षक दिवस के मौके पर देश भर से आए 310 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करने के मौके पर ये बातें कहीं। शिक्षकों को उनके दायित्वों को बोध कराते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा, सपनों का भारत बनाने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सबसे बड़ी जरूरत है, जबकि, पढ़ाई के तौर- तरीकों में भी बदलाव अपेक्षित है। पाठ्यचर्या विकास में हर स्तर पर नई तकनीक को शामिल किया जाना जरूरी होना चाहिए। नई पीढ़ी को ज्यादा सीखने के अवसर के मद्देनजर पढ़ाई के अत्याधुनिक तौर-तरीके अपनाए जाने की जरूरत है। शिक्षकों को ज्यादा से ज्यादा नई संभावनाओं को तलाशनी चाहिए, जिससे वे सामाजिक विकास में अधिक से अधिक योगदान दे सकें। योग्य और बेहतर शिक्षक अपनी क्षमता और उत्कृष्टता में विकास के लिए शोध का सहारा लेते हैं। मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि आज के दौर में भी चरित्र निर्माण और अच्छा ज्ञान उपलब्ध कराने में शिक्षक की अहम भूमिका तो है, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि ज्ञान उपलब्ध कराने का माध्यम उन्हीं तक सीमित है। कार्यक्रम के दौरान पहली बार स्कूली शिक्षकों को सूचना संचार तकनीक की श्रेणी में 20 अतिरिक्त पुरस्कार भी दिए गए। पुरस्कार के तहत शिक्षकों को एक प्रमाण पत्र, रजत पदक और 25 हजार रुपये की नकद धनराशि दी जाती है।
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Friday, September 7, 2012
सहायता प्राप्त स्कूलों की कीमत पर गैर सहायता प्राप्त को मान्यता नहीं
नई दिल्ली, एजेंसी : सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों पर प्रतिकूल असर पड़ता हो तो राज्य गैर सहायता प्राप्त स्कूलों को मान्यता देने से इन्कार कर सकते हैं। यह आदेश केएस राधाकृष्णन और दीपक मिश्रा की पीठ ने केरल हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा करते हुए दिया है। अदालत ने कहा, सरकारी स्कूलों की तरह सहायता प्राप्त स्कूलों पर भी राज्य सरकारें काफी धनराशि खर्च करती हैं। गैर सहायता प्राप्त स्कूलों को अंधाधुंध मान्यता प्रदान करने से राज्य सरकार द्वारा संचालित स्कूलों सहित सहायता प्राप्त स्कूलों पर प्रतिकूल असर पड़ता है। केरल सरकार ने पालक्कड़ जिले में बेथम इंग्लिश मीडियम स्कूल को मान्यता देने से इन्कार कर दिया था। जिस पर संस्थान ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां एक सदस्यीय पीठ ने उसकी याचिका खारिज कर दी। हालांकि हाई कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने प्रदेश सरकार को स्कूल को मान्यता देने का आदेश दिया था। केरल सरकार ने हाई कोर्ट के इसी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
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