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Monday, February 14, 2011

खेलकूद में बेहतर प्रदर्शन कर सुधार सकेंगे ग्रेड


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूलों से नौवीं कक्षा की परीक्षा में पाठ्येत्तर गतिविधियों में बच्चों की रचनात्मक क्षमता को तवज्जो देने का निर्देश दिया है, जिसमें प्रदर्शन के आधार पर पाठ्यक्रम के दो विषयों में छात्रों के ग्रेड बेहतर हो सकेंगे। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक एमसी शर्मा ने कहा कि नौंवी कक्षा में स्कूल आधारित परीक्षा में आसपास की दुनिया के बारे में जागरूकता, निर्णय करने की क्षमता, रचनात्मक सोच, प्रभावी संवाद के साथ शिक्षकों, सहपाठियों से आचार व्यवहार तथा पर्यावरण एवं नैतिक मूल्यों के प्रति बच्चों की रूचि को तवज्जो देने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि पाठ्येत्तर गतिविधियों में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने पर छात्रों के ग्रेड को बेहतर बनाया जा सकेगा। छात्रों की समझबूझ, सामाजिक एवं भावनात्मक दक्षता के साथ अन्य पाठ्येत्तर गतिविधियों में च्च्छा प्रदर्शन करने पर 34 से 42 ग्रेड प्वाइंट प्राप्त करने वाले छात्रों के दो विषयों में तथा 19 से 33 ग्रेड प्वाइंट प्राप्त करने वाले छात्रों के एक विषय में ग्रेड बेहतर किए जा सकते हैं। पाठ्येत्तर गतिविधियों मेंच्अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्र रिपोर्ट कार्ड में 42 ग्रेड प्वाइंट अतिरिक्त प्राप्त कर सकते हैं जिसमें जीवन से जुड़े कार्यो में दक्षता में 15 ग्रेड प्वाइंट, आचार व्यवहार में 15 ग्रेड प्वाइंट, पाठ्यक्रम से इतर गतिविधियों में 6 ग्रेड प्वाइंट तथा स्वास्थ्य एवं योग में 6 ग्रेड प्वाइंट प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार से जिन छात्रों को पाठ्येत्तर गतिविधियों में 19 ग्रेड प्वाइंट से कम प्राप्त होंगे, उनके रिपोर्ट कार्ड में अलग से इस बात का जिक्र तो होगा कि उसने इस प्रकार की गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान दिया है, लेकिन अगली कक्षा में प्रोन्नत करने के दौरान ग्रेड बेहतर नहीं हो सकेगा। अगर कोई छात्र कक्षा के पाठ्यक्रम के एक या एक से अधिक विषयों में डी ग्रेड प्राप्त नहीं कर सकेगा और ग्रेड बेहतर बनाने का एक मौका दिए जाने और पाठ्येत्तर गतिविधियों में अर्जित अतिरिक्त ग्रेड प्लाइंट से भी कोई फायदा नहीं होगा तो उसे अगले शैक्षणिक सत्र में अगली कक्षा में प्रोन्नति नहीं दी जाएगी। छात्रों को जारी प्रमाणपत्र में शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा च्ें बच्चों की अभिरूचि एवं प्रदर्शन का उल्लेख होगा। इसमें खो-खो जैसे स्थानीय खेलों, स्काउट गाइड, तैराकी, जिम्नास्टिक, योग, बागवानी, श्रमदान जैसे क्षेत्रों में छात्रों के प्रदर्शन का उल्लेख होच। बच्चों के वाद विवाद प्रतियोगिता, रचनात्मक लेखन, निबंध, पोस्टर निर्माण, नारा लिखना, विज्ञान एवं गणित क्लब तथा क्विज, ओलंपियाड, संगीत, नाटक, चित्रकला, कठपुतली, आपदा प्रबंधन जैसी गतिविधियों में प्रदर्शन को आंका जाएगा। सीबीएसई के तहत 9वीं एवं 10वीं के छात्रों की दूसरी समेटिव जांच परीक्षा मार्च में ली जाएगी। कागज एवं कलम पर आधारित यह परीक्षा स्कूल की ओर से ली जाएगी और इसका मूल्यांकन स्कूल ही करेंगे। स्कूलों द्वारा नौवीं कक्षा की दूसरी समेटिव परीक्षा मार्च के पूर्वा‌र्द्ध में तथा 10वीं कक्षा की समेटिव परीक्षा मार्च के दूसरे उतरा‌र्द्ध में ली जाएंगी। स्कूलों से कहा गया है कि छात्रों को यूनिट टेस्ट या अन्य जांच परीक्षा पर जोर देने की बजाए शिक्षा ऐसे माहौल में दी जाए जिससे अन्य पाठ्येत्तर गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय मिल सके।